योगी सरकार का दावा: डबल इंजन मॉडल से UP में केंद्रीय योजनाओं को मिली रफ्तार, आवास से उज्ज्वला तक गिनाईं उपलब्धियां

योगी सरकार का दावा: डबल इंजन मॉडल से UP में केंद्रीय योजनाओं को मिली रफ्तार, आवास से उज्ज्वला तक गिनाईं उपलब्धियां

Yogi government claim

Yogi government's claim

लखनऊ। Yogi government's claim, उत्तर प्रदेश में साल 2017 के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट आया। इससे पहले, राजनीतिक मतभेदों के कारण केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं उत्तर प्रदेश की सीमा पर आकर दम तोड़ देती थीं या उनके नाम बदलकर जनता को बरगलाने की कोशिश की जाती थी। नतीजतन, देश का सबसे बड़ा राज्य मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहा। लेकिन 2017 में जैसे ही योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, केंद्रीय योजनाओं पर लगे राजनीतिक ताले खुल गए और विकास को 'डबल इंजन' की वास्तविक गति मिली।

प्रधानमंत्री आवास योजना: 50 हजार से सीधे 62 लाख पक्के मकानों का सफर

2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 'लोहिया ग्रामीण आवास' और 'समाजवादी आवास' जैसी क्षेत्रीय योजनाओं के नाम पर केंद्र की 'प्रधानमंत्री आवास योजना' को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। लाभार्थी सूचियां भेजने और राज्य का हिस्सा जारी करने में बरती गई ढिलाई का नतीजा यह था कि तीन साल में सरकार 50 हजार आवास भी नहीं बना सकी। वहीं, योगी सरकार ने इस नीति को पूरी तरह बदला। पिछले 9 वर्षों के दौरान योजना को मिशन मोड पर चलाते हुए रिकॉर्ड 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान की छत मुहैया कराई जा चुकी है।

फसल बीमा योजना: 79 लाख किसानों को मिला ₹6,283 करोड़ का सुरक्षा कवच

किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए 2016 में शुरू हुई 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' भी शुरुआती दौर में यूपी में उदासीनता का शिकार रही। पूर्ववर्ती सरकार के समय राज्य की एजेंसियां इस कदर निष्क्रिय थीं कि महज 3 फीसदी किसानों का ही बीमा हो सका था। इसके विपरीत, योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया। आज प्रदेश के 79 लाख से अधिक किसानों को सूखे, बाढ़ या ओलावृष्टि के नुकसान के बदले 6,283 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति का सीधा भुगतान किया जा चुका है।

स्वच्छ भारत मिशन: 35% के पिछड़े दायरे से निकलकर 100% ODF बना यूपी

मार्च 2017 तक उत्तर प्रदेश का ग्रामीण स्वच्छता दायरा महज 35 प्रतिशत के आसपास सिमटा हुआ था और एक भी जिला खुले में शौच से मुक्त (ODF) नहीं था। पिछली सरकार उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) देने और ब्रांडिंग के राजनीतिक संकोच में इस ड्रीम प्रोजेक्ट से दूरी बनाए रही। योगी सरकार ने कमान संभालते ही इसे जन-आंदोलन बनाया। अब तक राज्य में 3.31 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराकर उत्तर प्रदेश को न केवल 100% ओडीएफ घोषित किया गया है, बल्कि 94 हजार से अधिक गांव ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के साथ 'ODF प्लस' भी बन चुके हैं।

उज्ज्वला योजना: मुफ्त कनेक्शन के साथ अब त्योहारों पर मुफ्त रिफिल का टॉप-अप

अतीत में उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन बांटने की संख्या बेहद सीमित थी और रिफिलिंग पर राज्य की तरफ से कोई अतिरिक्त मदद न मिलने के कारण करीब 35-40 फीसदी परिवारों के सिलेंडर दोबारा नहीं भर पाते थे। इस संकट को भांपते हुए केंद्र और योगी सरकार ने मिलकर पिछले 9 वर्षों में 1.86 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन की सौगात दी। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने अपनी तरफ से कदम आगे बढ़ाते हुए अब होली और दीपावली के पावन त्योहारों पर दो सिलेंडर मुफ्त रिफिल करने की व्यवस्था लागू कर आधी आबादी को बड़ा आर्थिक संबल दिया है।